और फिर शुरू हुआ उसका कठोर प्रशिक्षण। काएड मोरहेन के ठंडे गलियारों में, बर्फीली रातों में, जहाँ छोटे बच्चों को (Trial of the Grasses) से गुजरना पड़ता था। उस रात वेसेमिर की चीखें पूरे पहाड़ पर सुनाई दीं। उसकी आँखों से खून बहा, उसके दाँत बदले, उसके शरीर में ज़हर उतरा – लेकिन वह बच गया।

वेसेमिर की तलवार गिर गई। वह घुटनों पर बैठ गया।

"सच्चा विकर वह नहीं जो राक्षसों को मारे, बल्कि वह जो अपने अंदर के राक्षस से लड़ना सीख ले।" — वेसेमिर, भेड़ियों के गुरु।